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Saturday, 13 May 2017

ईवीएम मुद्दे पर बिखर गया विपक्ष, राजद और जदयू की अलग-अलग राय

पटना। विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक पार्टिय़ों की ओर से ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग भी सब कुछ सही करने का दावा कर चुका है। कल तक जो विपक्ष एकजुट होकर भाजपा और चुनाव आयोग पर ईवीएम में गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहा था आज वो दो हिस्सों में बंट चुका है।
ईवीएम मामले में बिहार के घटक दल राजद और जदयू के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ गया है। दोनों की दल सत्ता में तो एक साथ हैं लेकिन ईवीएम मामले में जदयू का कहना है कि बैलेट पेपर से चुनाव नहीं होना चाहिए।
जदयू की क्या है राय
चुनाव आयोग द्वारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही जाने के बाद जदयू का कहना है कि आज के युग में चुनावों के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल करना सही नहीं है। बैलेट से चुनाव होने पर लूटपाट का हवाला देते हुए कहा गया है कि साल 1999 में हुए आम चुनावों में दो लाख से ज्यादा बैलेट पेपर छापकर नीतीश कुमार को हराने की साजिश रची गई थी।
नहीं बनती महागठबंधन सरकार
जदयू के राष्‍ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने ईवीएम में गड़बड़ी को खारिज करते हुए कहा है कि अगर मशीन में किसी तरह की दिक्कत होती तो प्रदेश में महागठबंधन की सरकार नहीं बनती। इतना ही नहीं उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव में ईवीएम गड़बड़ी की बात गको भी गलत बताया। कहा कि यूपी में हार का कारण विपक्ष में एकता की कमी था, ना कि ईवीएम में गड़बड़ी। ईवीएम के मुद्दे पर चुनाव आयोग की बैठक में जदयू ने यह भी कहा कि जो लोग घूस के दोषी हैं उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
बैलेट पेपर पर राजद की राय
एक तरफ जदयू तो बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों पर ऐतराज जता रहा है तो वहीं राजद के नेता मनोज झा का कहना है कि वोट के मामले में मशीन और इंसान में से किसी एक को चुनने का ऑब्शन दिया जाता है, तो इंसान को चुनना ज्यादा बेहतर है। वहीं, राजद विधायक मंटू तिवारी ने कहा है कि चुनाव आयोग ईवीएम में गड़बड़ी कर सकता है। उन्होंने कहा कि 2005 और 2010 में राजद की सरकार केजे राव ने गिरवाई थी।
चुनाव आयोग ने दी चुनौती
चुनाव आयोग ने शुक्रवार(12-05-17) को सभी पार्टियों के साथ ईवीएम के मुद्दे पर चर्चा के बाद कहा कि भविष्य में होने वाले सभी चुनाव वीवीपीएटी मशीनों के साथ होंगे। सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि वह सभी पार्टी को इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी साबित करने का अवसर देंगे।
जैदी ने कहा, ‘‘हालांकि ईवीएम के साथ वीवीपीएटी (मतदाता सत्यापन पत्र पेपर ऑडिट ट्रेल सिस्टम) का उपयोग से पूर्ण विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और सभी विवाद दूर होंगे। आयोग आज की बैठक के बाद एक चुनौती रखेगा।’’ उन्होंने कहा कि इससे सभी राजनीतिक दलों को यह दिखाने का अवसर मिलेगा कि हाल ही में प्रयोग किए गए ईवीएम में गड़बड़ थी और बिना किसी तकनीकि और प्रशासनिक सुरक्षा के हैक की जा सकती है।
हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई तारीख नहीं दी। बैठक के दौरान जैदी ने कहा कि आपको विश्वास होना चाहिए कि चुनाव आयोग की कोई पसंद नहीं है। हम सभी दलों और समूहों से समान दूरी बनाए रखते हैं। हमारे चारों ओर 56 राजनीतिक दल (सात राष्ट्रीय और 49 राज्यों द्वारा मान्यता प्राप्त) मौजूद हैं।

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