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    मेरे कहने पर तोड़ा गया विवादित ढांचा, फांसी का डर नहीं : राम विलास वेदांती

    अयोध्या। 25 साल पहले अयोध्या में विवादित बाबरी ढांचे को गिराया गया था। इस मामले में हाल ही में भाजपा के दिग्गज नेताओं पर आपराधिक केस चलाए जाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया। तो वहीं अब विवादित ढांचे को गिराए जाने को लेकर रामजन्म भूमि न्यास के सदस्य और पूर्व भाजपा सांसद राम विलास वेदांती ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, मेरे ही कहने पर कारसेवकों ने विवादित ढाचें को गिरा दिया।
    इसके साथ ही वेदांती ने दावा करते हुए कहा इस साजिश में उनके साथ वीएचपी के अशोक सिंघल और महंत अवैद्यनाथ भी शामिल थे। भले ही उन्हें फांसी हो जाए लेकिन वो अपने बयान से नहीं पलटेंगे। हालांकि ऐसा पहली बार हुआ है कि इस मामले में किसी ने सामने से आकर इस तरह का बयान दिया हो।
    बता दें कि वेदांती का बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा के कई बड़े नेताओं के खिलाफ साजिश रचने का मुकदमा चलाने का कोर्ट ने फैसला किया है। कोर्ट ने आडवाणी, उमा भारती , मुरली मनोहर जोशी समेत 13 नेताओं पर केस चलेगा। फिलहाल कल्याण सिंह को थोड़ी राहत दी है क्योंकि वो इस समय राजस्थान के गवर्नर पद पर आसीन है। कोर्ट ने कहा है कि इस पूरे मामले की सुनवाई 2 साल के अंदर पूरी हो।
    बाबरी विध्वंस मामले में इन नेताओं की बढ़ेगी मुश्किलें?
    लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, बाल ठाकरे, उमा भारती, अशोक सिंघल, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, गिरिराज किशोर, साध्वी ऋतंभरा, महंत अवैद्यनाथ, रामविलास वेदांती, महंत नृत्य गोपाल दास, परमहंस रामचंद्र दास, बी एल शर्मा ‘प्रेम’, सतीश प्रधान, सी आर बंसल, सतीश नागर, मोरेश्वर सावे,जगदीश मुनि महाराज, धरम दास पर आईपीसी की धारा 120B (आपराधिक साज़िश), 153A (समाज में वैमनस्य फैलाना) 153B (राष्ट्रीय अखंडता को खतरे में डालना) और 505 (अशांति और उपद्रव फ़ैलाने की नीयत से झूठी अफवाहें फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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